Welcome to Govt. Women's College, Gardanibagh (Patna), Bihar

 

तमसो मा ज्योतिर्गमय, असतो मा सद्गमय

महिलाओं की उच्च शिक्षा के विकास हेतु राजकीय प्रयासों के फलस्वरूप पटना के पूर्वी और पशिचमी क्षेत्र में राज्य सरकार की ओर से एक - एक महिला महाविधालय की स्थापना की गई । राजकीय महिला महाविधालय गुलजारबाग़ 1973. राजकीय महिला महाविधालय, गर्दनीबाग़ 1974 की स्थापना उच्च शिक्षा के क्षेत्र में महिलाओं के लिए मील का पत्थर साबित हुआ । अतीत ही भविष्य की जननी है । स्थापन कल से ही यह महाविधालय शिक्षा के क्षेत्र में, खेल के में और सांस्कृतिक क्रियाकलापों के क्षेत्र में अपना कीर्तिमान स्थापित करता आ रहा है । इन्ही कीर्तिमानों ने महाविधालय को सतत् आगे प्रगति के पथ पर बढ़ने की दिशा दी है । अंकनीय है की वर्ष 2010 के इंटर कला की क्षेत्र में इस महाविधालय की छात्राओं ने पटना जिला में सर्वाधिक प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण होकर कीर्तिमान स्थापित किया है । प्रारंम में इंटरमीडिएट स्तर तक स्थापित इस महाविधालय ने कमश: डिग्री स्तर, प्रतिष्ठा स्तर की पढाई में अपना अलग स्थान बनाया । विद्वद सहायक प्रोफेसरगण, कर्मठ कर्मचारीगण, लगनशील छात्राओं के पस्पर सहयोग एवं अनन्य योगदान के कारण ही आज की तिथि में यह महाविधालय विकास की अनेक मंजिले तय कर चूका है और निरंतर उज्जवल भविष्य की ओर अग्रसर है । आज यहाँ 2010 से कंप्यूटर व्यवसायिक पाठ्यक्रम MCCCP, DTP एवं CCA कोर्सेज चलाए जा रहे है । साथ ही साथ छात्राओं को B.C.A.की भी शिक्षा ही जा रही है । अप्रैल, 2010 से ही यहाँ आरक्षित वर्ग, अल्पसंख्यक वर्ग एवं आर्थिक रूप से पिछड़ी छात्राओं के लिए यू0 जी0 सी० द्रारा नि:शुल्क मेडिकल, इंजिनीयरिंग, बैंकिग एवं स्पोकेन इंग्लिश की कोचिंग कोचिंग दी जाती रही है । साथ ही यहाँ छात्राओं को N.C.C. की सुविधा भी प्रदान की गई है । केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार के सौजन्य से वर्ष 2013 से रोजगारोन्मुखी सामुदायिक महाविधालयों की स्थापना पाश्चात्य देशों की तर्ज़ पर की गई। सम्पूर्ण देश में पहले चरण में सामुदायिक महाविधालयों की स्थापना के लिए यह महाविधालय भी चयनित हुआ । इसके तहत दो कोर्स (1) Health Care (2) Retail Management की शुरुआत हुई । अपने चयन को इस महाविधालय ने सर्वथा सार्थक सिद्ध किया । बिहार में खोले गए सामुदायिक महाविधालयों में इसने अपना स्थान सर्वोच्च बनाया और छात्राओं को शत प्रतिशत रोजगार भी मिला । अगले सत्र से इसमें नामांकन हेतु सीटें बढ़ा दी गयी। इस तरह तीन सत्रों में ही यह सामुदायिक महाविधालय आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविधालय की गरिमा का केंद्र बन गया ।

उच्च शिक्षा के विकाश का चरण यहीं नहीं रिका । शिक्षक प्रशिक्षण के लिए वर्षो से प्रयासरत इस महाविधालय को B.Ed कोर्च चलाने को मान्यता NCTE भुवनेश्वर से मिल गई एवं आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविधालय से इसे संबद्धता भी मिली है । महाविधाल में बी0एड० कोर्स का प्रशिक्षण सत्र 2015-17 से प्रारंम हो गया । उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नित नए कीर्तिमान स्थापित करता हुआ यह महाविधालय शिक्षा का प्रकाश सतत् फैलाता रहेगा ।

 
 
 
 
 
 

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